A2Z सभी खबर सभी जिले कीमहाराष्ट्र

तुकाराम मुंढे का बड़ा एक्शन: स्टिंग समेत तीन कंपनियों को नोटिस, ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द लिखने पर लगी रोक

समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ: 

राज्य विधानसभा में आज ‘स्टिंग’ एनर्जी ड्रिंक का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते ने इस संबंध में सवाल किया, जिस पर मंत्री नरहरी झिरवाळ ने कहा कि स्कूल परिसर के 500 मीटर के दायरे में स्टिंग जैसे ड्रिंक की बिक्री नहीं होनी चाहिए।

 

इसके बाद अन्न व औषध प्रशासन विभाग के सचिव तुकाराम मुंढे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘सेव्ह ड्रग, सेव्ह फूड’ अभियान की जानकारी दी। स्टिंग पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुंढे ने बताया कि बाजार में ‘एनर्जी ड्रिंक’ के नाम से बिकने वाले पेय पदार्थों पर अब यह शब्द नहीं लिखा जा सकेगा।

 

30 जून को भेजी गई नोटिस  

तुकाराम मुंढे ने कहा, “पेप्सिको, रेड बुल और स्टिंग समेत 10-12 कंपनियों को 30 जून को नोटिस जारी किए गए हैं। FSSAI की नियमावली के अनुसार ये कंपनियां अपने उत्पाद पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अब प्रोडक्ट पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ नहीं लिखा जाएगा। यह प्रैक्टिस अब बंद होगी।”

 

स्कूलों के प्रिंसिपल से अपील  

मुंढे ने कहा, “स्कूल के 500 मीटर दायरे में क्या बिक रहा है, इसके नियम हैं। इन नियमों को लागू करवाना FDA आयुक्त के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है, लेकिन स्कूल के मुख्याध्यापकों की भी जिम्मेदारी है। अगर स्कूल के 500 मीटर के अंदर ऐसे ड्रिंक्स बिकते हैं तो वे हमारे विभाग को तुरंत सूचित करें। मैं इस पर जल्द विस्तृत आदेश जारी कर रहा हूं।”

 

क्या है मामला?  

विधानसभा में उठे सवाल के बाद सरकार ने साफ किया है कि ‘एनर्जी ड्रिंक’ का लेबल भ्रामक है और FSSAI के नियमों के तहत इसकी अनुमति नहीं है। अब कंपनियों को अपना लेबल बदलना होगा।

[yop_poll id="10"]
Show More
Back to top button
error: Content is protected !!